मैया कहती कब आओगी॥ साजन के सहारे भूल गयी॥ माँ बाप के घर का दरवाजा॥ मैया कहती कब आओगी॥ एक बार बेटी तो घर आ जा॥ फुर्सत नही मिलाती अपने घर से॥ बच्चे स्कूल को जाते है॥ सुबह के निकले ट्यूशन पढ़ के ॥ शाम को वापस आते है॥ याद आती चुपडी रोटी ॥ जब माँ कहती थी पूरी खा जा॥ मैया कहती कब आओगी॥ एक बार बेटी तो घर आ जा॥ दूर बसी हूँ आ करके ॥ जाने का मौका नही मिलता॥ काम काज में रमी हूँ रहती॥ मन भी यहाँ से नही हिलता॥ भाभी कहती कब आओगी ॥ आके उनकी बात बता जा॥ |